जनवरी के महीने में सर्दी बढ़ने से ‘पाले‘ का खतरा बढ़ जाता है, जो फसलों को बर्बाद कर सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जब हवा धीमी हो जाए और आसमान साफ लगे तो पाला पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। शाम के समय खेत की मेढ़ पर घास-फूस जलाकर धुआं करने से इससे बचा जा सकता है । इसके अलावा, खेत में हल्की सिंचाई करने से मिट्टी का तापमान बना रहता है। रासायनिक उपचार के तौर पर गंधक के तेजाब का छिड़काव भी बेहद असरदार साबित होता है।
कड़ाके की ठंड में रबी फसल को ऐसे बचाएं
