क्रेडिट कार्ड : इस्तेमाल करें, लेकिन जरा संभल कर

क्रेडिट कार्ड : इस्तेमाल करें, लेकिन जरा संभल कर

समय पर भुगतान का ध्यान रखें

आज के जमाने में अधिकतर लोग खरीदारी करते समय क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। यह सुविधाजनक तो होता ही है साथ ही अधिक लोगों को कैश लेकर चलने की जहमत से भी आजादी मिली रहती है। लेकिन इसके इस्तेमाल के साथ कई तरह की सावधानियां भी जरूरी होती हैं वरना क्रेडिट कार्ड कई तरह कई तरह की मुसीबतें भी खड़ा कर सकता है। 

दिलीप के क्रेडिट कार्ड की दास्तां 

क्रेडिट कार्ड से जुड़ी दिलीप की कहानी बहुत दिलचस्प है। दिलीप के पास दो बैंकों के क्रेडिट कार्ड थे। कोविड के समय काम धाम ठीक नहीं था और उन्हें कार्ड से जुड़ी तमाम तरह की औपचारिकताओं की जानकारी भी कम थी। सुप्रीम कोर्ट ने एक बैंकों से कर्ज के मामले में एक निर्देश जारी कर दिया कि, कोई भी बैंक क्रेडिट कार्ड के भुगतान या होम लोन की किस्त मिल होने पर ब्य़ाज पर ब्याज नहीं लेगा। सुप्रीम कोर्ट की सोच थी कि इससे लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी। 

लेकिन यहां तो कहानी कुछ और थी। बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से सीधे हाथ झाड़ लिया। कुछ समय तक को दिलीप नियमों का हवाला देकर बैंकों से बात करते रहे लेकिन उन्हें समझ में आ गया कि, अदालती फैसला चाहे जो भी एक आम उपभोक्ता को रोजाना बैंकों को ही झेलना है। उन्होंने किसी तरह से बातचीत करके उस भय़ानक दौर में भी अपने भुगतान को मैनेज किया और बैंकों से पीछा छुड़ाया। 

अब आप कहेंगे कि, उन्हें मामले  को आगे ले जाना चाहिए था, संभव है वे ले भी जा सकते लेकिन इस काम के लिए उन्हें इसी काम में जुटना पड़ता और हर महीने उनके भुगतान में जो बढ़ोतरी हो रही थी वो भी कम डरावनी नहीं थी। 

दिलीप कोई अकेला केस नहीं थे, उनके जैसे तमाम लोग थे। कुछेक तो कोविड में गुजर गए तो उनके को अप्लीकेंट को भुगतान करना पड़ा। इसलिए क्रेडिट कार्ड को लेकर बहुत ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है। 

आइये अब समझते हैं कि क्रेडिट कार्ड को लेकर किस तरह की सवाधानियां बरतनी चाहिए और लोग किस तरह की मुसीबतों का सामना करते हैं ?  

क्रेडिट कार्ड से जुड़ी सावधानियां       

आज के जमाने में क्रेडिट कार्ड की जरूरत और इसका महत्व काफी बढ़ गया है। क्रेडिट कार्ड के अपने कई फायदे हैं और यही वजह है कि देश के आम लोग भी तेजी से क्रेडिट कार्ड रखना शुरू कर रहे हैं। भारत में क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में भी लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि, क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। अगर आप क्रेडिट कार्ड का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करते हैं तो इससे कई तरह की भयावह मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं। आज हम यहां जानेंगे कि अगर कोई व्यक्ति क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान नहीं करता है तो बैंक वसूली के लिए क्या-क्या कार्रवाई कर सकते हैं?

समय पर बिल नहीं चुकाया तो बढ़ती जाएगी मुसीबतें

अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड है और आप समय पर उसके बिल का भुगतान कर रहे हैं तो ये आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। लेकिन, अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान में देरी करते हैं तो इसके कई नुकसान हैं। 

  • बिल के भुगतान में देरी करने से आपके ऊपर जबरदस्त ब्याज लगाया जाएगा, जिसकी वजह से आपकी देनदारी लगातार बढ़ती चली जाएगी। 
  • इसके साथ ही, आपका क्रेडिट स्कोर भी लगातार खराब होता चला जाएगा। 
  • अगर आप लंबे समय तक इसी तरह बिल का भुगतान नहीं करते, तो आपके कार्ड के प्रति आपकी देनदारी हद से ज्यादा बढ़ जाएगी। अगर आपने ऐसा मन बना लिया कि अब आपको बिल ही नहीं देना तो समझो आप अपने लिए और भी ज्यादा और भयावह मुसीबतों को दावत दे रहे हैं।

वसूली के लिए क्या-क्या कर सकते हैं बैंक

क्रेडिट कार्ड बिल न भरने की वजह से बैंक आपसे वसूली के लिए थर्ड पार्टी रिकवरी एजेंट हायर कर सकते हैं। इन रिकवरी एजेंट का व्यवहार आमतौर पर काफी खराब होता है, जो समाज में आपकी इज्जत के लिए काफी बुरा साबित हो सकता है। अगर रिकवरी एजेंट से भी बात नहीं बनती तो बैंक आपको कानूनी कार्रवाई का नोटिस देकर वसूली की कोशिश करेगा। अगर बैंक का ये कदम भी सफल नहीं होता तो बैंक आपके खिलाफ कोर्ट जा सकता है और रिकवरी के लिए संपत्ति की कुर्की का आदेश मांग सकता है। क्रेडिट कार्ड  बिल का भुगतान नहीं करने से कई तरह की मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं। अगर आपके सामने कभी ऐसे हालात बन जाएं कि समय पर भुगतान करना संभव नहीं है तो आपको जल्द से जल्द बैंक के साथ बातचीत कर कोई रास्ता या समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए।

रिजर्व बैंक की गाइडलाइन :

रिजर्व बैंक ने लोन रिकवरी के लिए बैंकों को एक गाइडलाइन जारी की है। गाइडलाइन के मुताबिक कोई भी रिकवरी एजेंट आपसे बदतमीजी से बात नहीं कर सकता है। वह आपसे सिर्फ और सिर्फ वर्किंग ऑवर में ही संपर्क कर सकता है। अगर कोई रकवरी एजेंट आपके पास पहुंचता है तो सबसे पहले आपको उससे उसका परिचय पत्र मांगना चाहिए। रिकवरी एजेंट आपसे आपके बकाए के भुगतान के बारे में ही बात कर सकता है। अगर वह आप या आपके परिवार के बारे में कोई भी अनर्गल बात करता है तो उसे वहां से जाने को कह सकते हैं। बात बिगड़ने पर आपको तत्काल पुलिस को बुलाने का हक है। लेकिन यहां यह ध्यान में रखने की चीज़ है कि अधिकतर रिकवरी एजेंटों के स्थानीय पुलिस थानों से सपर्क होते हैं और पुलि के साथ उनके संबंधों के चलते पुलिस आनाकानी कर सकती है। पुलिस भी आपसे बकाए के भुगतान के लिए कह सकती है। लेकिन, आपको पुलिस को इस मामले से दूर रखना चाहिए।