उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है घटी दरों का लाभ
रोजाना मिल रही हैं 400 शिकायतें
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शोध डेस्क
22 सितंबर से देश में जीएसटी सुधारों के दूसरे दौर की शुरुवात हुई। नए रेट्स लागू हुए। उपभोक्ता बाजार पर भी इसका तगड़ा असर देखने को मिला। लेकिन इस दौरान एक और बात देखने में आई कि जीएसटी की नई दरों का फायदा बहुत से लोगों को नहीं मिलने की शिकायते भी खूब आ रही है।
जीएसटी की नई दरें लागू हुए एक महीने से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन अभी भी कुछ लोगों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर इस सिसलिसे में अब तक कुल 3500 शिकायतें मिली हैं। रोजाना करीब 400 शिकायतें इस बारे में आ रही हैं।
जीएसटी की नई दरों को लेकर भी लोग काफी भ्रम में है। यूपी, बिहार, दिल्ली, एमपी, राजस्थान से सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। फूड और रिटेल के क्षेत्र में सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पर जीएसटी नहीं घटने की शिकायतें मिल रही हैं। ई-कॉमर्स पर जीएसटी नहीं घटने की शिकायतें मिल रही हैं।
शिकायत मिलने पर उपभोक्ता को उनकी शिकायत का नंबर दिया जा रहा है। आपको बता दें कि, जीएसटी की घटी दरों का फायदा आपको नहीं मिल रहा तो हेल्पलाइन नंबर 1915 पर शिकायत हो सकती है। WhatsApp नंबर – 8800001915 पर भी शिकायत की जा सकती है।
उपभोक्ता मामले विभाग ने जीएसटी शिकायतों के लिए अलग कैटेगरी शुरू की है। ये शिकायतें 17 भाषाओं में की जा सकती है। बता दें कि इस हेल्पलाइन पर हर महीने एक लाख से भी ज्यादा शिकायत मिलती है।
ई-कॉमर्स कंपनियों पर सरकार सख्त
सूत्रों के मुताबिक जीएसटी के रेट कट के बाद ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स पर सरकार सख्त है। सरकार ने इन कंपनियों पर निगरानी बढ़ाई है। ई कॉमर्स कंपनियों ने कई आइटम्स की कीमतें नहीं घटाईं हैं। इसके चलते जीएसटी में कटौती को लेकर ई-कॉमर्स कंपनियां सरकार के रडार पर हैं। सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी दरों में कमी का फायदा ग्राहकों को नहीं देने को लेकर सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों को फटकार लगाई है।
22 सितंबर से पहले और बाद में सरकार लगातार कीमतों की मॉनिटरिंग कर रही है। सरकार सभी कैटेगरी की कीमतों पर निगरानी रख रही है। सरकार को ग्राहकों से ई कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं। ज्यादातर शिकायतें FMCG और पैकेज्ड फूड सेक्टर से जुड़ी हुई हैं।
शिकायतों के बाद भी बाजार में धूम
त्योहारी सीजन ने इस बार भारतीय बाजार में धूम मचा दी है। 22 सितंबर 2025 से लागू हुए जीएसटी रिफॉर्म्स ने उपभोक्ताओं की खरीदारी को किसी उत्सव की तरह तेज कर दिया। बड़े स्क्रीन वाले टीवी, फर्नीचर और मीडियम रेंज फैशन उत्पादों पर टैक्स स्लैब घटाए गए, जिससे कीमतें कम हुईं और हर वर्ग के लोगों को सीधा फायदा मिला।
रिपोर्ट्स के अनुसार, त्योहारी सीजन के शुरुआती दो दिनों में ही ऑनलाइन शॉपिंग में 23 से 25% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जीएसटी- 2.0 के तहत बड़े टीवी पर टैक्स 28% से घटकर 18% हो गया है, जिससे इनकी कीमतों में 6 से 8% तक गिरावट आई और प्रीमियम मॉडल की मांग अचानक बढ़ गई। वहीं, 2,500 रुपये से कम के फैशन आइटम पर जीएसटी सिर्फ 5% हो गया, जिसका असर बिक्री में दिखाई दिया। फर्नीचर की मांग भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
ई-कॉमर्स प्लेटफार्म भी इस बूम को पूरी तरह महसूस कर रहे हैं। अमेजन ने पहले दो दिनों में 38 करोड़ से अधिक ग्राहकों का रिकॉर्ड बनाया, जिसमें से करीब 70% ग्राहक टॉप 9 महानगरों से बाहर के थे। फ्लिपकार्ट पर भी शुरुआती 48 घंटों में पिछले साल की तुलना में 21% ज्यादा यूजर्स दर्ज किए गए। मांग इतनी बढ़ गई थी कि कई एप्स स्लो हो गए और ऑर्डर्स देने के दौरान क्रैश हो गए।
एक ई कॉमर्स कंपनी की तरफ से बताया गया कि, जीएसटी बचत उत्सव को लेकर शानदार प्रतिक्रिया मिली है और महज 48 घंटों में करोड़ों रुपये के जीएसटी लाभ ग्राहकों तक पहुंचाए गए। जिन उपभोक्ताओं ने स्मार्टफोन या टीवी खरीदने का सपना देखा था, वे अब कम कीमतों का फायदा उठा रहे हैं।
भारत सरकार की यह पहल ऐसे वक्त की गई है जब देश की जीडीपी छह फीसदी से ऊपर बनी हुई है और सरकार घरेलू मांग को बढ़ाने का प्रयास कर रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को अमेरिकी बेस टैरिफ (25%) और अतिरिक्त पेनाल्टी टैरिफ की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन त्योहारी खपत में आई उछाल घरेलू बाजार के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
